बैटरी चलित ट्राईसाईकिलें पाकर खिल उठे दिव्यांगों के चेहरे


सफलता की कहानी -दिव्यांगों की जिन्दगी ने पायी रफ्तार 

जयपुर: दिव्यांगों के कल्याण के लिए राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से भरसक प्रयास कर रही है। दिव्यांगों की जिन्दगी को आसान बनाने और उनकी सुख-सुविधाओं का ख्याल रखने के लिए हाल के वर्षों में हुए प्रयासों की बदौलत प्रदेश में दिव्यांग कल्याण का क्षेत्र उपलब्धियों से भरा रहा है।  

प्रदेश के राजसमन्द जिले में जिला प्रशासन के साथ नगर निकाय भी दिव्यांग कल्याण की गतिविधियों में पीछे नहीं हैं। दिव्यांगों के आवागमन को सुगम बनाने तथा उनकी रोजमर्रा की जिन्दगी में सहूलियत लाने के मकसद से उच्च तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी की पहल पर राजसमन्द नगर परिषद की ओर से हाल ही आयोजित समारोह में चलने-फिरने में असमर्थ पांच दिव्यांगों को बैटरीचलित मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल दी गई। 

इन पांचों को खुद उच्च शिक्षा मंत्री ने अपने हाथों ट्राईसाईकिलें प्रदान की और सुखद भविष्य की कामना की। ये ट्राईसाईकिलें कोटड़ी ग्राम पंचायत अन्तर्गत उदलपुरा गांव के श्री कालू भील, धोईन्दा के श्री पुखराज कच्छारा, रेलमगरा तहसील अन्तर्गत काबरा गांव की सुश्री पारस शर्मा, मजा ग्राम पंचायत अन्तर्गत अबजी का खेड़ा गांव की श्रीमती मायाकुँवर डुलावत तथा आत्मा ग्राम पंचायत अन्तर्गत निचली भागल के श्री गोपालसिंह को प्रदान की गई। 

बैटरी चलित ट्राईसाईकिलें पाने वाले सभी दिव्यांगों ने इसके लिए उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी का खूब-खूब आभार जताते हुए कहा कि ट्राईसाईकिल मिल जाने से उनकी रोजमर्रा की जिन्दगी आसान हुई है और इससे घर-गृहस्थी और काम-धंधे में सम्बल प्राप्त होगा। 

उच्च शिक्षा मंत्री ने दिव्यांगों के चेहरों पर तैर आयी खुशी को देखते हुए नगर परिषद से कहा कि दिव्यांगों को सम्बल प्रदान किए जाने की इस परंपरा को निरन्तर जारी रखा जाए। 

Post a Comment

0 Comments