ये कैसा समापन समारोह, मंच पर अतिथि 53 और सुनने वाले पशुपालक मात्र 12

जालोर लाइव
सांचौर|
हमारे नेताओं की देखिए आज की कुछ पठ कथाए जो मन मे आता कह देते ऐसा ही वाकया देखने को सांचौर में आयोजित पशु मेले में मिला जिसमे अतिथि महोदय ने कुछ इस तरह से आपना भाषण दिया, रानीवाड़ा विधायक ने कहा कि रानीवाड़ा पशु मेले में 2300 बैल आये थे, लेकिन इस मेले में मात्र 250 पशु ही आए हैं जो कि सोचने का विषय है। माखुपुरा स्थित बाबा रघुनाथपुरी पशु मेले का समापन शनिवार को हो गया। उचित प्रचार प्रसार के कारण पहले तो अंगुली पर गिनने मात्र पशुपालक पहुंचे और समापन समारोह भी हास्यास्पद तरीके से संपन्न हुआ। समारोह के लिए लगाए गए पांडाल में मात्र 12 पशुपालक बैठे नजर आए। उनको संबोधन देने के लिए मंच पर एक, दो या तीन नहीं बल्कि 53 अतिथि थे। सात दिन चले इस मेले में पशुपालकों की कम संख्या को लेकर रानीवाड़ा विधायक नारायणसिंह देवल तथा पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी को छोड़ किसी ने चिंता तक नहीं जताई। और ना ही इस संख्या को बढ़ाने के लिए कोई प्रयास के संकेत दिए। संकेत तो कैसे देंगे क्योंकि उनको इस संस्क्रति से क्या लेना

समारोह में ये रहे मौजूद :- समारोह में जिला प्रमुख वन्नेसिंह गोहिल ने कहा कि पशुओं की नस्ल में सुधार के लिये भी ध्यान देने की जरूरत है। लेकिन जिस तरह से भाषण दिया जा रहा था तो नेता जी ने सोचा तक नही की सुनने वाले तो 12 जने ही है , इस मौके पर प्रधान टाबाराम मेघवाल, उपखंड अधिकारी विजेंद्र कुमार मीणा, विकास अधिकारी रामातवार शर्मा, दुर्गाराम चौधरी, नरपतसिंह, बाबूलाल पालड़ीया, हरिया देवासी, बिजलाराम देवासी, डूंगराराम पुरोहित आदि मौजूद थे।

चौधरी ने मंच के मुकाबले पांडाल में कम पशुपालकों की संख्या पर जताई शर्मिंदगी :-  मंचपर मौजूद अतिथियों की संख्या के मुकाबले पांडाल में पशुपालकों की कम संख्या को पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी ने शर्मिंदगीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शायद ये तस्वीर मशीनरी युग में पशुपालकों की कम संख्या को बता रही है।

लेकिन हमारे नेता क्या क्या बोलते कितनी झूठ बोलते है इसका थोड़ा भी लिहाज नही रखते है

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