सोशिल ट्रेड के नाम पर अरबो का घोटाला, लाखो लोगो का डूबा पैसा

जयपुर। सोशल ट्रेड के नाम पर देश भर में लाखों लोगों से मोटा पैसा लेने और फिर चेन सिस्टम के माध्यम से इसे फैलाकर अरबों रुपये वसूलने वाली नोएडा की एक सोशल ट्रेड कंपनी के गोरखधंधे का खुलासा एसटीएफ ने किया है। एसटीएफ ने कंपनी संचालक अनुभव मित्तल और कंपनी के वरिष्ठ दो अफसरों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सूत्रों का कहना है कि इन्हें एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इसका फिलहाल खुलासा नहीं कर रहे है। वैसे एसटीएफ का कहना है कि सोशल ट्रेड के माध्यम से देशभर में कंपनी ने करीब 37 अरब रुपए से अधिक वसूले। कंपनी ग्राहकों को एक साल में उनकी राशि दुगुनी करने का प्रलोभन देकर ग्राहकों को जोड़ रही थी। साथ ही सोशल मीडिया पर एक लाइक के पांच रुपए दे रही थी। करीब दो साल में इस कंपनी ने इस स्कीम के माध्यम से दस लाख मेंबर जोड़ लिए। राजस्थान से भी हजारों लोग इस स्कीम से जुड़े हुए थे। जिन्होंने हजारों-लाखों रुपए कंपनी में निवेश कर रखा था। हालांकि कंपनी ने लोगों को वादे के मुताबिक पैसा बराबर लौटा भी रही थी, लेकिन कुछ दिनों से कंपनी ग्राहकों को ना तो पैसा दे रही थी और ना ही लाइक के पैसे बैंक खातों में आ रहे थे। ऐसे में ग्राहकों ने कंपनी के खिलाफ मामले दर्ज करने शुरु कर दिए। मामला ज्यादा आने लगे तो एसटीएफ ने नोएडा स्थित कंपनी कार्यालय पर छापा मारकर दस्तावेज जब्त किए और कंपनी मालिक अनुभव मित्तत व दो आला अधिकारियों को हिरासत में लिया। कंपनी के खिलाफ ग्रेटर नोएडा की सूरजपुर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। बुधवार शाम को भी नोएडा के फेज थ्री पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। एसटीएफ के मुताबिक डिजिटल मार्केटिंग के नाम पर एबलेज इंफ ो सल्यूशंस नाम की कंपनी अगस्त 2015 में खोली गई। बीटेक अनुभव मित्तल ने इस कंपनी को नोएडा से शुरू किया। कंपनी ने डिजिटल मार्केंटिंग के नाम पर सोशल ट्रेड.कॉम के नाम से वेबसाइट बनाई। कंपनी ने ग्राहकों को विश्वास दिलाया कि उनके द्वारा निवेश की राशि एक साल में दुगुनी मिलेगी। वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के लिए पांच हजार से लेकर एक लाख 15 हजार तक की निवेश स्कीम थी। शुरुआत में लोगों ने इसमें मोटा मुनाफा कमाया और उस मुनाफों को दिखाकर दूसरे लोगों को भी जोड़ते रहे। देखते ही देखते कंपनी में लाखों लोग जुड़ गए। उत्तरप्रदेश, राजस्थान,दिल्ली, पंजाब, बिहार आदि हिन्दी भाषी राज्यों में यह व्यवसाय तेजी से फैला और लोगों ने मोटा पैसा इसमें निवेश किया। हालांकि शुरुआत में जिसने पैसे लगाए, वे लाभ रहे। एसटीएफ ने इस कंपनी के बैंक खातों की जांच की तो इसमें अब तक 37 अरब रुपए लोगों से निवेश के नाम पर ले चुके हैं।

– लोगों को पता चला तो होश उड़े

जैसे ही लोगों के कंपनी पर पुलिस का छापा और कंपनी संचालक अनुभव मित्तल की गिरफ्तारी के बारे में पता चला तो देशभर में कंपनी के ग्राहकों में खलबली मच गई। निवेशक ग्राहक एक-दूसरे को फोन करके इस बारे में सूचना लेते रहे। साथ ही डूबी राशि को लेकर अपना रोना पीटते रहे। बहुत से लोगों ने मीडिया में फोन करके इस बारे में पडताल कर रहे। जिसे भी इस बारे में पता चला वो हिल गया। हजारों-लाखों लोग ऐसे थे, जिन्होंने कुछ महीनों पहले ही पैसा लगाया था और अभी तक निवेश की गई राशि भी उनके पास नहीं आई थी। पीडित लोग अब कंपनी और ग्राहक बनाने वाले कंपनी के कर्ताधर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की सोच रहे हैं।

– खातों में पैसा आना बंद हुआ तो  माथा ठनका

सोशल ट्रेड की साइट से जुडऩे के लिए कंपनी संबंधित व्यक्ति से 5 हजार, 10 हजार, 25 हजार, 50 हजार और एक लाख रुपए की बैंक एनएफटी कराती थी। इसकी एवज में व्यक्ति को क्रमश: 400, 800, 1200, 1600 और 2 हजार रुपए कमिशन के नाम देती थी। वहीं कंपनी से जुड़ा व्यक्ति अपने साथ ओर व्यक्तियों को जोड़ता था तो उसे 8 प्रतिशत का अतिरिक्त कमिशन दिया जाता था। राशि लगाने के उपरांत संबंधित व्यक्ति को उसकी राशि के अनुपात में सोशल ट्रेड साईट पर लाइक्स का एक पैकेज दिया देती थी। इस साइट पर जाकर व्यक्ति संबंधित लाइक्स करता तो उसके खातों में पैसा आ जाता था। वहीं तय समय में टारगेट पूरा करने वाले को आईफोन, टेबलेट, लेपटॉप इत्यादि देने का भी लालच दिया जाता था। शुरुआती चरण में कंपनी ने यह गिफ्टस बांटे भी। बाद में हाल ही लोगों के खातों में पैसा आना बंद हुआ तो उनका माथा ठनक गया

 स्रौत- व्हाट्सएप्प ग्रुप


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