दिव्याजनो की बनैगी यूनिक आईडी


अन्तराष्ट्रीय दिव्याजन दिवस  
















जिला कलैक्टर चित्तौड़गढ़ सहित 28 जनों को किया सम्मानित दिव्याजनो को साहनूभूति की नहीं मान सम्मान एवं सम्बल की है जरूरत 


जयपुर 
03 दिसम्बर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि दिव्याजनो को किसी तरह की साहनूभूति नहीं चाहिये जरूरत है सम्बल प्रदान करने के साथ मान सम्मान देने  की जिससे दुगने जोश से जीवन में आगे बढ़ सके।
 डॉ चतुर्वेदी शनिवार को विशेष योग्यजन निदेशालय द्वारा अन्तराष्ट्रीय दिव्याजनो दिवस के पर ओ.टी.एस के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूम में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि राज्य सरकार दिव्यागजनो के कल्याण के लिए पुरी संकल्प है। हमारे देश दिव्यागो ने पेरा ऑलम्पिक खेलो में स्वर्ण पद जीतकर देश का मान बढ़ाया है। उन्हं जो भी काम दिया जाता उसे पूरी ईमानदारी निष्ठता व लगन करते हुए उसे परिणाम पहुचाते है। समारोह में दिव्याजनों के क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियोंस्वयं सेवी संस्थाओं दिव्याजन खिलाडियों जिला कलैक्टर चित्तौड़गढ़ व झालावाड़ सहित 28 लोगो को प्रमाण-पत्र एवं पुरूस्कार राशि के चैक देकर सम्मानित किया। सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री ने कहा कि दिव्याजनो को पहचान देने के लिए यूनिक आईडी बनायी जायेगी जिससे सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का देश में कही लाभ उठा सकेगें। उन्होंने बताया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर प्रत्येक शुक्रवार को शिविर लगाकर दिव्याजनो की पहचान कर पंजीयन किया जा रहा है। जिससे उनकी जरूरत के अनुसार लाभ पहुचाया जा सकेगा। उन्होन बताया कि जयपुर में 100 सरकारी भवनो को दिव्याजनो के लिए बाधामुक्त वातावरण रहित बनाने के लिए चयन किया गया है। जिसमे से 48 भवनो का सोक्षिल आडिट कर 37 करोड रूपये प्रस्ताव भारत सरकार को भिजवा दिये है। इसी प्रकार एस.एम.एस अस्पताल में 10 लाख रूपये प्रतिवर्ष दिव्याजनो के उचित उपचार के लिए वही दिव्याजनो को दिये जाने वाली सहायता को से बढ़ाकर 12 हजार रूपये किया जायेगा। उच्चस्तरिय  कमेंटी का किया गठन साजाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि दिव्याजनो समस्यो के समाधान के लिए राज्य सरकार ने उच्चस्तरिय कमेंटी गठन कर दिया है जिसमें 15 मुख्य विभागो एवं दिव्याजन सर्घष समिति के प्रतिनिधियो को शामिल किया गया। कमेंटी हर तीन माह मे बैठक कर दिव्यागनो की समस्या एवं उनके कल्यण के लिए गये निर्णय की विभागो से अनुपालाना समीक्षा करेगी। उन्होने कहा कि दिव्याजनो की समस्यो को सुनने के लिए उचित फोरम पर सरकार हमेशा तैयार है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अशोक जैन समारोह की अध्यक्षता करते हुए दिव्याजनो को शुभकामनाऎ देते हुए कहा कि आज पुरा राष्ट्र में दिव्यागनो को उत्साह से सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्याजनो को पुरा सम्बल एवं सम्मान मिले यह हमारी सोच मे होना चााहिये। उन्होने कहा कि दिव्यागन अपनी योग्यता से अधिक क्षमता से काम करते है जरूरत उन्हे समाजसरकार एवं संस्थानो के सहयोग से उचित वातावरण तैयार करने की। इस अवसर पर निःशक्त जन श्री धन्नलाल पुरोहित ने कहा कि मुख्य मंत्री द्वारा राज्य में दिव्याजनो के कल्याण के लिए पुरे किये जा रहे है। उन्होने वताया कि दिव्यागनो समस्यो को ही लगाकर सुना जा रहा है। समारोह में मानसिक विमदित गृह के बच्चोंने स्वागत गीत एवं रेम्प चलकर ‘‘समाज समावेसित’’ कार्यक्रम प्रस्तुत कर समाज की मुख्य से जोडने का संदेश दिया। वही स्वागत गीत एवं वाध्धयंत्र वजाकर  उपस्थित लोगो मनमोहित किया। इस मोके पर मुक बधिर बच्चो ने गाने पर अपना डान्स प्रस्तुत कर लोगों का दिल जीता तथा सभी लोगों ने तालिया बजाकर मुकबधिर बच्चीयो का उत्साह बढ़या।














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