टेल तक पानी नहीं पहुँचने पर किसानों ने किया नर्मदा मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव




                       माइनर गेटमैन को हटाने की मांग करते हुए लगाया पैसे लेकर पानी छोड़ने का आरोप


सांचौर: लिफ्टकैनाल की माइनरों में सिंचाई के लिए छोड़ा जाने वाला पानी टेल तक नहीं पहुंचने से गुस्साए किसानों ने शनिवार को नर्मदा नहर के मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव कर विरोध जताया। साथ ही किसानों ने इसे लेकर मुख्य अभियंता को ज्ञापन दिया। डिग्गी यूनियन अध्यक्ष ईशराराम विश्नोई ने बताया कि माइनरों में पानी छोड़ने के दौरान तय अवधि अनुसार पानी नहीं मिलने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों से शिकायत करने पर सुनते नहीं और जब धरना देते हैं तो आश्वासन देकर धरना तो हटवा देते हैं, मगर समाधान नहीं करते। डिग्गी अध्यक्ष ने किसानों की ओर से अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब भी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। डिग्गी अध्यक्ष ने अधिकारियों कर्मचारियों पर कार्यालय में बैठ आराम करने का आरोप लगाया। जबकि किसान पानी के लिए आंदोलन करने को मजबूर हो रहे हैं। 
इस मौके हेमाराम, वरिंगाराम, बाबूलाल, राजूराम तथा भगवानाराम के साथ बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
                                                   माइनरों की टेल पर नहीं पहुंचा पानी 
जानकारी के अनुसार जाखल सब माइनर, परावा माइनर, चौरा माइनर तथा तैतरोल माइनर सहित अन्य माइनरों की टेल तक पानी नहीं रहा है। किसानों का कहना है कि टेल तक पानी नहीं पहुंचने के पीछे सबसे बड़ा कारण गेटमैन की ओर से लगातार एक ही माइनर में पानी छोड़ना सामने रहा है। गेटमैन पैसों लेकर इन माइनरों में दो दो घंटे तक पानी छोड़ रहा है। ऐसे में अभी तक टेल क्षेत्र में हजारों हैक्टेयर जमीन सूखी पड़ी है, जबकि किसानों ने बीजों का भी छिड़काव कर दिया है। ऐसे में अब अगर पानी नहीं मिलता है तो बीज जलने के साथ कई किसान खेती से वंचित रह जाएंगे।
                                                     बाराबंदी से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी 
नर्मदा विभाग की ओर से की गई बाराबंदी से किसान परेशान हैं। किसानों की ओर से मुख्य अभियंता को दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि विभाग ने सांचौर लिफ्ट कैनाल को दो भागों में बांटने के साथ पानी की बाराबंदी कर दी जिससे पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों ने माइनरों की अलग-अलग बाराबंदी कर पानी देने की मांग की।
                                                       हैड के किसानों को मिल रहा पूरा पानी
सांचौर लिफ्ट कैनाल के माइनरों पर विभागीय अनदेखी के चलते कुछ किसानों की ओर से अवैध सिंचाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार नर्मदा नहर के अधिकारियों ने 1 नवंबर को पानी छोड़ सिस्टम शुरू करने का कहा था, मगर 20 दिन निकल जाने के बाद भी पानी माइनरों की टेल तक नहीं पहुंचा। इसके चलते कई किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि किसानों का आरोप है कि कुछ किसान पानी चोरी कर अवैध रूप से सिंचाई कर रहे हैं। साथ ही उनका कहना है कि हैड के किसानों को तो उचित मात्रा में पानी मिल रहा है, मगर टेल के किसानों को सिंचाई के लिए एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हो
रहा है।
                                                           गेटमैन को नहीं हटाया तो आंदोलन
घेराव के दौरान मुख्य अभियंता को दिए ज्ञापन में बताया कि नर्मदा लिफ्ट कैनाल चौरा से निकलने वाली माइनरों पर गेटमैन आसूराम सारण को लगाया हुआ है, जो पानी छोड़ने के बदले किसानों से पैसा मांग रहा है। प्रति किसान एक हजार रुपया मांग रहा है, जो किसान पैसे दे रहे हैं उनकी वितरिका में पानी छोड़ देता है, जबकि बाकी वितरिकाओं में पानी नहीं रहा है। किसान वहां जाकर पानी खुलवाकर आते हैं तो मर्जी से गेट बंद कर दूसरी वितरिकाओं में
पानी छोड़ देता है। इस पर आक्रोशित किसानों ने उसे तत्काल हटाने की मांग उठाई। किसानों ने कहा कि अगर गेटमैन को नहीं हटाया तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।
                            कई घंटे कार्यालय के बाहर जमे रहे, अधिकारियों को नहीं आने दिया बाहर
सांचौर लिफ्ट कैनाल माइनरों में पानी छोड़ने को लेकर बीस दिन पहले भी अधिकारियों नेसमय पर पानी देने का वादा किया था, मगर बीस दिन गुजर जाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने से गुस्साए किसानों ने कई घंटों तक मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव करने के साथ अधिकारियों को कार्यालय से बाहर तक नहीं निकलने दिया। किसानों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने जल्द ही समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया तब जाकर किसान शांत हुए।
                                                    किसानों को अब फिर आश्वासन
किसानों के आक्रोश को देखते हुए नर्मदा नहर के अधिकारियों ने किसानों को फिर से आश्वासन देकर शांत किया। अधिकारियों ने कहा कि अब पानी वितरण के दौरान पूरी नजर रखी जाएगी,
ताकि टेल तक पानी पहुंच सके।
                                                     
बाराबंदी से हो रही समस्या
किसानों का आरोप है कि बाराबंदी के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। उनका यह भी कहना है कि 20 दिन पहले नर्मदा के अधिकारियों ने टेल तक पानी पहुंचाने का वादा भी किया था।

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