झोलाछाप डाक्टरों की अब खैर नही, सात दिन मे कार्रवाई करेंगे सीएमएचओ

सीमएचओ की कार्रवाई डाक्टर मिला अनुपस्थित लेब टेकशियन को मरीज का इलाज करते पकडा  ।

@भरत एस. राजपुरोहित
मोदरान  @ कस्बे के स्थानीय गाव मे ब्लाक जसवंतपुरा सीएमएचओ एसएस भाटी  व भीनमाल  सीमएसओ नरपत दान चारण ने राजकीय स्वास्थ्य केंद्र मोदरान मे कार्रवाई करते हुए मोदरान होस्पीटल मे भवर लाल विशनोई चिकित्सा अधिकारी अनुपस्थिति मिले ओर लेब टेक्सीजियन मरीजो का इलाज करता हुआ मिला डॉक्टर साहब अपने घर पर सो रहे है ।ओर लेब टेक्सीजियन पर्सी पर इलाज कर रहे है ।इस दोरान सीएमएचओ ने जब डाक्टर की ओपीडी पर्सी देखी तो कम्पाउंडरो द्वारा लिखी हुई है ।ओर ईलाज भी कम्पाउंडर कर रहे है ।इस दौरान एसएस भाटी ओर भीनमाल सीएमएचओ नरपत सिह चारण ने डाक्टर भवर लाल के निवास स्थान दबिश दी तो साहब ओनडुयटी मे अपने घर पर आराम फरमा रहे है ।ओर लेब टेकशियन डाक्टर साहब की डयूटी निभा रहा है मरीजो का इलाज कर रहा है ।इस दौरान भाटी ने डाक्टर को लताड लगाई  ।भाटी ने बताया की आन डयूटी लापरवाही करने पर डाक्टर के खिलाफ अनुशासात्मक कार्रवाई की जाएगी इस दौरान निम हकीमो पर कार्रवाई करने हेतु मोदरान गाव मे गये तो सुचना मिलते ही नीम हकीम तो वहा से भाग खडे हुए लेकीन बिना लाइसेंस के मेडीकल चलाता अठारह साल का लडका पकडा गया ।उससे सुचना लेते हुए भाटी ने पुछा तो उसकी तरफ से कोई अनुशासात्मक जवाब मिला उसको पुछा गया की मेडीकल लाईसेंस कहा है तो तो उस लडके द्वारा कोई सन्तुष्ट पुर्ण जवाब नही मिला ।बिना लाइसेंस से चल रहा था क्लिनिक व मेडीकल फिर भाटी ने उसको बन्द कराया ओर आदेश दिया की अगर बिना लाइसेंस मेडीकल व क्लिनिक खोला तो आपके खिलाफ अनुशासात्मक कार्रवाई कि जायेगी ।इस दौरान  स्थानीय लोगो ने बताया की मोदरान व आस पास के गावो मे निम हकीमो ने डेरा डाल रखा है । झोलाछाप डॉक्टर अब चलाते हैं ऑलीशान क्लीनिक देहाती क्षेत्रों में पूरा कर रहे हैं डॉक्टरी का ख्वाब बीएमएचओ ने एसएस भाटी को लोगो ने अवगत कराया कि के मोदरान क्षेत्र में यूपी, बिहार, बंगाल सहित स्थानीय युवक मेडिकल स्टोरों की आड़ में डॉक्टरी का ख्बाव पूरा कर रहे हैं, तो कई ऑलिशान क्लीनिकों के जरिये ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ कर चांदी कूट रहे हैं। पूरे जिले में ऐसे तथाकथित डॉक्टरों की तादात एक हजार से अधिक हैं, लेकिन हकीकत यह हैं कि इनका चिकित्सा विभाग के पास कोई ब्यौरा नही हैं जिसके चलते कई झोलाछाप डॉक्टर अनहोनी का अंदेशा होने पर भाग जाते हैं, ऐसे में चिकित्सा महकमे के ये डॉक्टर नकद दामाद बने हुए हैं। नियमों के अनुसार कम्पाउंडर को भी दवाई लिखने का अधिकार नही हैं, लेकिन ये तथाकथित डॉक्टर दवाई तो क्या ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव तक करा रहे है। ये डॉक्टर मरीजों को किसी प्रकार की कोई लिखित पर्ची नही देते हैं ऐसे में अनहोनी होने पर ये ग्रामीणों के आरोपों को सिरे से खारीज कर देते हैं
हीं इस पूरे मामले पर जिला   कि व्यवस्था के आधार पर जिस अधिकारी के पास जिम्मा सौंपा हुआ हैं वो किसी आदेश या निर्देश का इंतजार कर रहे हैं, तब तक ग्रामीण भले की अपनी अनमोल जिन्दगी इन तथा कथित झोलाछाप डॉक्टरों के हवाले कर दे।
कई ग्रामीण बन चुके हैं काल के ग्रास
झोलाछाप डॉक्टर जिले में कई अनजान-अनपढ ग्रामीणों की जान ले चुके हैं, बावजूद इसके चिकित्सा विभाग ऐसे तथाकथित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाही नही कर रहा हैं। सूत्रों ने बताया कि कई बार ऐसे डॉक्टरों द्वारा दी जाने वाली दवाई और इंजेक्शन के चलते मरीज की मौत तक हो चुकी हैं, लेकिन इनके खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाही नही हो रही हैं, ऐसे में कहा जा सकता हैं कि पूरा चिकित्सा महकमा इनके ऊपर मेहरबान बना हुआ हैं।
ग्रामीणों की मजबूरी बने ये डॉक्टर
ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी चिकित्सा की कोई पुख्ता व्यवस्था नही होने से ग्रामीणों को हारी-बीमारी के समय मजबूरी में इन तथाकथित डॉक्टरों की चरण में जाना पड़ता हैं। सूत्रों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे यह डॉक्टर बिना किसी पर्ची के अपनी मन मर्जी के अनुसार अपने पास से इंजेक्शन, ग्लूकोज, दवाई इत्यादी देते हैं।
बिना जांच के ही बता देते हैं आपको फलां रोग हैं ग्रामीण क्षेत्रों में जमे तथाकथित डॉक्टर मरीजों को देखने में एम्स के डॉक्टरों से आगे निकल रहे हैं, ये डॉक्टर मरीजों को देखते ही बता देते हैं आपको फलां रोग हैं, किसी बीमारी का पता लगाने के लिए कई प्रकार के परीक्षण करवाने होते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जमे डॉक्टर इतने माहिर होते हैं कि मरीज को देखते ही बता देते हैं आपको मलेरिया हैं या फिर नमोनिया, बगैरह-वगैरह। हर बीमारी का ईलाज तीन इंजेक्शन इन डॉक्टरों के पास जाने वाले प्रत्येक मरीज को तीन इंजेक्शन लगाने का फॉर्मूला फिट रहता हैं, चाहे बुखार कैसा भी हो ये डॉक्टर तीन इंजेक्शन लगाकर उसका इलाज कर रहे हैं। कई जगह संचालित हो रहे इन मिनी अस्पतालों में ऐसे नजारे देखे जा सकते हैं। हर मर्ज की एक ही दवा के आधार पर एक ही शिशी से दिन भर आने वाले मरीजों को इंजेक्शन लगाये जाते हैं, मरीज बच्चा हो या बुजुर्ग।मेडिकल स्टोरों की आड़ में भी चमका रहे हैं डॉक्टरी
ग्रामीण क्षेत्रों में खुली मेडिकल स्टोरों व हौम्योपैथिक स्टारों पर भी दवाई बेचने के साथ-साथ वहां लगे युवक अपनी डॉक्टरी का ख्वाब पूरा कर ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरी चमका रहे हैं। मेडिकल स्टोरों पर कार्यरत युवकों के पास न तो डिग्री होती हैं न ही किसी प्रकार का प्रशिक्षण फिर भी ये युवक ग्रामीणों को बिना पर्ची के दवाई बेच रहे हैं तथा यहां तक की इंजेक्शन तक लगा रहे हैं। यहां संचालित हो रही हैं झोलाछाप डॉक्टरों की दुकाने वैसे तो पूरे जिले में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरी की बड़ी फौज कार्यरत है, लेकिन जसवंतपुरा पंचायत समिति मुख्यालय से मेडिकल, सहित अवैध नीमहकीम में बंगाली युवको सहित कई स्थानीय,मोदरान धनजी वाडा खेडा बोरटा तवाव में भी ऐसे ही डॉक्टर मजे में ग्रामीणों की जान से खेल रहे हैं।इसी तरह एक कई  कथित डॉक्टर तो अपने आपको  आप को राजनीतिक पहुच का व्यक्ति बताते है । कि हमारी सहित सभी से सेटिंग है दुनिया हमारी कुछ नहीं बिगाड़ सकती मेडिकल एवं क्लिनिक खोल देते है।इसको लेकर बड़े हादसे होने से इंकार नहीं किया जा सकता ।इस दौरान नोर्मल डिलेवरी को थी लेकीन उसे मोदरान चिकित्सा अधिकारी ने उसे आगे रेफर करने को कहा ओर डिलेवरी बिच मे ही होगई इसको लेकर शिकायत दर्ज हुई थी तो उसकी भी जाच की गई ओर उसके बयान लिए गए ।ओर इस दौरान भाटी ने बताया की मोदरान सहीत  जसवंतपुरा ब्लाक मे सचालित हो रही झोलाछाप डाक्टरो की अवैध मेडीकल व क्लिनिकल को सात दिन मे उनके उपर कार्रवाई कर बन्द करवाया जाएगा ।इस दौरान मोदरान सरपंच गिरधारी सिंह राजपुरोहित भी मौजूद रहे ।

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